
साॅइ एक्सपर्ट टेक्नोलॉजी का कारनामा
सीधी। एक ही सामान की एक ही दिन दो अलग-अलग कीमतें नहीं हो सकती यह तो हर कोई जानता है लेकिन जब बात फर्जीवाड़े की हो तो फिर कुछ भी हो सकता है। ऐसा ही कारनामा किया साॅइ एक्सपर्ट टेक्नोलॉजी नमक फर्जी फर्म के करता धर्ता जीवेन्द्र मिश्रा ने , जिन्होंने एक ही दिन एक ही सामान की दो अलग-अलग कीमतों के बिल बना डाले और उनके चेहतो ने इसको भुगतान भी कर दिया भले ही इससे शासन को चपत लगी हो लेकिन उससे किसी को कोई क्या फर्क पड़ता है।
आदिवासी बाहुल्य विकासखंड क्षेत्र कुसमी जो सरकारी कर्मचारी और अफसरों के लिए चारागाह बन गया है जहां नित नए घोटालों का खुलासा होने के बाद भी जिम्मेदार अफसर चुपी साधे हुए हैं वहां ग्राम पंचायत रौहाल में एक अजब ही मामला सामने आया है। साॅइ एक्सपर्ट टेक्नोलॉजी जो कि एक फर्जी फर्म है इसका खुलासा हम संपूर्ण तथ्यों के साथ पहले ही कर चुके हैं, इसके संचालकों ने ग्राम पंचायत रौहाल को बिल क्रमांक 223 दिनांक 24 सितंबर 2019 दिया जिसमें सीमेंट ₹300 प्रति बोरी, गिट्टी ₹22000 प्रति गाड़ी, राहत ₹1500 प्रतीक गाड़ी और लोहा ₹4000 कुंतल दर्ज है और उसी दिन के बिल क्रमांक 221 दिनांक 24 सितंबर 2019 में ही गिट्टी ₹20000 प्रतीक गाड़ी, सीमेंट ₹300 प्रति बोरी, राहत₹2000 प्रति गाड़ी और लोहा₹4000 क्विंटल दर्ज है। अब इसे इत्तेफाक ही कह सकते हैं दोनों ही दिलों में सभी सामानों की मात्रा एक समान है केवल कीमतें अलग-अलग हैं, तो क्या यह लाजमी है की एक ही दिन में एक ही सामान की दो अलग-अलग कीमतें हो, और सामान की मात्रा भी एक समान हो तो फिर दो अलग-अलग बिलों की क्या जरूरत थी इन सभी का उल्लेख एक ही बिल में किया जा सकता था , लेकिन यह तभी संभव है जब बिल फर्जी हो उसका वास्तविकता से कोई लेना-देना ना हो। अब सहाब इसे त्रुटि कह सकते हैं मगर यह धोखाधड़ी और फर्जीवाडे की श्रेणी में आता है, क्योंकि फर्जी बिल बनाने में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है जो यहां नहीं दिख रही है।
















